यतै आउ घुम्नलाई दौडी खेलौला
साँझ परेछी म सग्संगई कौडी खेलौला
जति खेलेनी गर्मी हुन्न आउ तिमी
फेवा तालमा धित मरुन्जेल पौडी खेलौला !!
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